नवरात्र – जय माता दी

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न करे अहम।
वरण करे विनम्रता।
राह है कठिन।
तरुण भारत के निर्माण प्रश्न है।

जग्रत करना हर भारतीय नागरिक को।
यह तुम्हारा हमारा हम सबका भरत वर्ष है।

मातृभूमि की प्रगति के लिए प्रत्येक जन को एक कदम उठाना है।
तालमेल और समझ को प्रेरित करना है।

दीन-हीन व दरिद्रता को दूर भगाना है।
खुशहाली व सम्पन्नता की और कदम बढ़ाना है।

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